हम भारत की नेबरहुड रिटेल इकॉनमी का ऑपरेटिंग सिस्टम बना रहे हैं, ताकि प्रोडक्ट से ग्राहक की जेब तक का सफर तेज़, स्मार्ट और पारदर्शी हो सके।
FMCG बाज़ार को समझते हुए, हम कई शानदार सोलोप्रेन्योर्स से मिले। हम गाँवों की उन महिलाओं से मिले जिनके पास पीढ़ियों पुरानी कमाल की रेसिपीज़ (अचार, स्नैक्स, कॉस्मेटिक्स) थीं और जो आंत्रप्रेन्योर (entrepreneur) बनने का सपना देखती थीं। लेकिन उनके पास न तो ब्रांड बनाने का समय था, न सुपर-स्टॉकिस्ट से लड़ने के लिए ₹50 लाख की पूंजी, और न ही रिटेल काउंटर पर जगह पाने की समझ।
उनके पास प्रोडक्ट तो था, लेकिन वे ब्रांड बनाना नहीं जानती थीं। पुराने डिस्ट्रीब्यूटर्स उनसे भारी भरकम ऑर्डर और मनचाहे कमीशन की मांग करते थे, जिससे उनके सपने शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देते थे।
बात बिल्कुल साफ़ थी: समस्या उनके प्रोडक्ट्स में नहीं थी। समस्या उस महंगे और पुराने डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में थी जो नए लोगों को आगे नहीं बढ़ने देता। इसी रुकावट को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए PushKart का जन्म हुआ।
ग्राउंड ऑपरेशन्स और टेक्नोलॉजी का परफेक्ट संगम।
को-फाउंडर
टीयर 2/3 भारत के रिटेल और FMCG डिस्ट्रीब्यूशन में गहरी समझ रखने वाले सेल्स और प्लानिंग प्रोफेशनल। सिविल सर्विसेज़ (UPSC) की पृष्ठभूमि के साथ, ये ग्राउंड लेवल ऑपरेशन्स और मार्केट पॉलिसी को बहुत बारीकी से समझते हैं।
को-फाउंडर
एक सफल फंडेड भारतीय स्टार्टअप के पूर्व टेक्नोलॉजी लीड। लाखों यूज़र्स के लिए स्केलेबल B2B टेक प्रोडक्ट्स डिज़ाइन कर चुके हैं। मोबाइल ऐप्स, AI/ML इंटीग्रेशन और क्लाउड आर्किटेक्चर में लंबा अनुभव।